देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर शुक्रवार को बरेली जिले के बैंकिंग, कारोबारी गतिविधि पर दिखाई दिया। डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई सेवाएं जारी रहने के बावजूद नकदी जमा, चेक क्लीयरेंस आदि प्रभावित रहे। वहीं, दो दिन बैंक बंद होने से जमा कैश की चिंता संचालकों को सता रही है। सबसे ज्यादा असर उन कारोबारियों पर पड़ा, जिनका रोजाना भारी नकदी का कारोबार है।

पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, किराना कारोबारी, मंडी के आढ़ती, थोक व्यापारियों की दिनभर की बिक्री का कैश बैंक में जमा नहीं हो सका। व्यापारियों के चेक क्लीयरेंस संबंधी भुगतान अटके, जबकि बैंक शाखा से जुड़े आरटीजीएस, एनईएफटी, खाते संबंधी काम, नकदी प्रबंधन प्रभावित रहा। ऑनलाइन छोटे तत्काल भुगतान जारी रहे। हड़ताल के बाद शनिवार, रविवार की छुट्टी से कारोबारियों के पास तीन दिन तक नकदी रहने की स्थिति बन गई है। नकदी सुरक्षा की चिंता भी बढ़ी है।
इससे इतर ऐसे सरकारी विभाग जहां कैश भी जमा होता है और यात्री सेवाएं दी जाती हैं, वहां भी जमा नकदी बैंक में जमा नहीं हुई। राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ निजी क्षेत्र के नैनीताल बैंक की शाखाओं में भी ताले नहीं खुले। दूसरी ओर, ऐसे बैंक जहां यूनियन प्रभावी नहीं है, वहां कामकाज हुआ। इनमें आईसीआईसीआई, एक्सिस, यस बैंक, एचडीएफसी, सिटी यूनियन बैंक शामिल हैं।
