स्नातक में कम-से-कम 50 फीसदी अंक और टीईटी की अनिवार्यता ने बढ़ाई मुश्किलसंवाद न्यूज एजेंसी

बरेली। यूपी टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं, लेकिन इस बार नियमों के बदलाव के कारण कई अभ्यर्थी मायूस हैं।
अब सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में टीजीटी भर्ती के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।संबंधित विषय में स्नातक में कम-से-कम 50 फीसदी अंक होना भी जरूरी है। बीएड डिग्री धारकों के लिए 2011 तक स्नातक के अंकों में कोई बाध्यता नहीं थी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष अरोरा ने बताया कि इस बार अंकों के लिए एससी-एसटी को पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने टीईटी पास नहीं किया है, वे फॉर्म तो भर सकते हैं। लेकिन, उनको 30 जून तक यूपी टीईटी को पास करना होगा। संवाद
वर्षों की तैयारी, हुए अपात्र
– 2011 में बीएड किया है। कई परीक्षाएं दे चुका हूं। निजी क्षेत्र में नौकरी की। कई परीक्षाएं देने के बाद इसका मौका मिला। इस बार नियमों के बदलाव के कारण फॉर्म भरने का प्रयास किया लेकिन नहीं भर सका। – रामचंद्र
– मैंने बीएड अच्छे अंकों से उत्तीर्ण किया लेकिन स्नातक में अच्छे अंक नहीं थे। अब यूपी टीजीटी के फॉर्म आए तो मैं अपात्र हो गया। जबकि नौकरी के साथ इसकी तैयारी कर रहा था। – अनूप कुमार
– बीएड किया है। ओबीसी को राहत नहीं है, जिससे फॉर्म नहीं भर पा रहा हूं। हम पास हों या नहीं, लेकिन अवसर ही नहीं मिलेगा तो अन्याय होगा। – संतोष कुमार
– स्नातक में कम लेकिन बीएड में अच्छा प्रदर्शन करने वालों का नुकसान हो रहा है। अब तक उम्र की वजह से प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछड़ते थे। अब स्नातक के कम अंकों के आधार पर बाहर हो गए। – यशपाल सिंह






