शुभ होली – सुरक्षित होली क्या करें – क्या ना करें, कार्यशाला संपन्न समाधान विकास समिति के तत्वाधान में आज रानी अवंती बाई में शुभ होली – सुरक्षित होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया| विद्यालय की प्रबंध निर्देशिका ममता वर्मा ने बताया कि होली के त्यौहार लोगों को रंगों की मस्ती में डूबने का अवसर माना जाता है,होली पर मस्ती की कोई सीमा नहीं होती किंतु स्वास्थ्य और सौंदर्य से जुड़ी कुछ समस्याएं, सावधानी रखने को बाध्य करती हैं| होली के रंग में कहीं भँग ना पड़े हमें सतर्क रहना होगा | विद्यालय के संस्थापक जितेंद्र वर्मा ने बताया कि होली पर त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष देखभाल आवश्यक है|


रंग खेलते समय पहले से ही त्वचा पर कोई तेलीय क्रीम या फिर तेल, घी आदि लगाकर निकले| इससे त्वचा पर रंगो का कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा| विद्यालय की प्रधानाचार्य सौम्या वर्मा ने बताया कि यदि होली खेलते समय आंखों में रंग चला जाए तो साफ पानी से धोना चाहिए |यदि जलन का अनुभव हो रहा हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें |रिसोर्स पर्सनलक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि भक्त प्रहलाद के लिए होलिका के बलिदान की याद में होली का उत्सव मनाया जाता है बदलते मौसम में लोग त्वचा की बीमारी आदि से बचने के लिए प्राकृतिक रँगों का प्रयोग करते थे | हरे रंग के प्रयोग से बचें क्योंकि हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है,सफेदा या एल्युमिनियम पेँट के प्रयोग से भी बचें, क्योंकि इसमें अल्युमिनियम ब्रोमाइड होता है यह त्वचा के लिए हानिकारक है |
अपने पूरे होश में तथा सुरक्षित तरीके से होली खेले| बालों को रंगों से बचाने का प्रयास करें क्योंकि इससे बाल रुखे व कमजोर हो जाते हैं |बालों का पोषण रुक जाता है |होली भाईचारे का पर्व है लड़ाई झगड़े से बचे| आपसी भाईचारा बनाए रखें तथा शुद्ध हर्बल रंगों का प्रयोग करें| इन रंगो का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता तथा इन्हें घर पर भी बनाया जा सकता है| खान पान का ध्यान रखें |
बाजार की मिठाइयों के सेवन से बचें, क्योंकि इनमें मिलावट हो सकती है| घर पर बने व्यंजनों का भरपूर मजा लें| यदि आंखों पर गलती से गुब्बारा लग जाए या खून निकला है तो सूती कपड़े से आंखों को ढके तथा चिकित्सक से परामर्श करेँ उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि अपने घर पर आसपास में ऐसा वातावरण बनाएं जिससे शुभ होली सुरक्षित होली का सपना साकार हो सके
