फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग के सीएमएसडी स्टोर में 45 लाख से खरीदा गया रीजेंट प्राप्त होने के साथ वितरण भी करा दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को जांच की सुविधा मिलने लगी है।

सीएमओ के अधीन सिविल अस्पताल व नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी अस्पतालों में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर व सीबीसी मशीन से मरीजों की लिवर, किडनी व खून की जांच की सुविधा है। पिछले दिनों रीजेंट खत्म होने से अस्पतालों में जांचें ठप हो गई थीं। संवाद न्यूज एजेंसी ने अमर उजाला में 29 जुलाई के अंक में रीजेंट सूखा…किडनी, लिवर, शुगर की जांचें ठप शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और 45 लाख रुपये से रीजेंट की खरीद की गई। सीएमएसडी स्टोर में रीजेंट प्राप्त होने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वितरण भी कराया गया। अब अस्पतालों में बायोकेमेस्ट्री व सीबीसी मशीनें चालू हो गईं और मरीजों को जांच की सुविधा मिलने लगी।
हालांकि, सीबीसी मशीन तीन कंपनी की लगी होने से सभी में अलग-अलग रीजेंट लगता है। फाइव पार्ट का एक रीजेंट अभी नहीं आ सका है। स्टोर के चीफ फार्मासिस्ट चक्र सिंह यादव ने बताया कि तीन प्रकार के रीजेंट आ चुके हैं। सीबीसी फाइव पार्ट का एक रीजेंट एक-दो दिन में प्राप्त हो जाएगा।
नवाबगंज सीएचसी की मशीन खराब, जांच ठप
फर्रुखाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले रीजेंट न होने से मरीजों की जांच ठप थी। दो दिन पूर्व स्टोर से रीजेंट पहुंचा तो बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब हो गई। इससे मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर मशीन दो दिन पूर्व खराब हो गई है। उन्होंने संस्था के इंजीनियर को फोन किया था। सोमवार को इंजीनियर के आने पर मशीन ठीक कराई जाएगी।
