बरेली जिले में बहेड़ी तहसीलदार के न्यायालय में एक ऐसी महिला की तरफ से नामांतरण वाद दायर कर जमीन नाम करा ली गई जो पहले ही मर चुकी थी। फर्जीवाड़े से नाराज उसकी दूसरी बहन ने जब ओवरहेड टैंक पर चढ़कर हंगामा किया तो तहसील प्रशासन बैकफुट पर आ गया। डेढ़ घंटा चले हंगामे के बाद तहसीलदार ने सही आदेश जारी कर दिया।

इज्जतनगर के त्रिलोक विहार निवासी जयश्री गंगवार मंगलवार दोपहर तहसील के पास ओवरहेड टैंक पर चढ़ गई। हंगामा करने लगी। एसडीएम और तहसीलदार समेत पुलिस अधिकारियों ने उसे समझाकर नीचे उतारा। जयश्री ने बताया कि उनके भाई अर्जित की 2016 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। भाई की मौत के बाद उनके पिता वीरेंद्र की मानसिक हालत बिगड़ने लगी।
कई अस्पतालों में उनका इलाज कराया गया। इसका फायदा उठाकर जयश्री की बड़ी बहन दिवंगत माधुरी के ससुर भरतौल निवासी पोशाकीलाल और जाजूनगर निवासी गंगाधर, उनके पिता वीरेंद्र को 2017 में कार में डालकर ले गए। पोशाकी ने उनसे अपने पौत्र के नाम एक वसीयत करा ली। वर्ष 2025 में पिता वीरेंद्र कुमार की मौत हो गई।
महिला ने लगाया ये आरोप
बताया कि चार अप्रैल 2026 को वसीयत के जरिये जयश्री की बहन इंद्रा देवी की ओर से बहेड़ी तहसीलदार न्यायालय में नामांतरण का वाद दायर किया गया। इसमें पोशाकीलाल के पौत्र देवांश का नाम खतौनी में दर्ज कराने के आदेश कर दिए गए। खास बात यह है कि इंद्रा देवी की मौत 2024 में हो चुकी थी। जयश्री का आरोप है कि इंद्रा देवी का फर्जी अंगूठा लगाकर और उसके प्रपत्रों का इस्तेमाल कर जमीन नाम करा ली गई।
