लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का अनिश्चितकालीन आंदोलन शनिवार को छठवें दिन भी जारी रहा। शिक्षक दिवस के अवसर पर आंदोलन ने निर्णायक रूप लेते हुए पांच अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठ गए।

आमरण अनशन पर शिमला पटेल, मीना देवी, रोशन सरोज, प्रवीण कुमार और अभिषेक कुमार बैठे हैं। अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने का निर्देश उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को नहीं देती, तब तक वे आमरण अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने योगी सरकार से मांग की कि नियमावली में अचानक बदलाव न किया जाए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की तर्कसंगत मांगों पर तत्काल उचित निर्णय लेते हुए अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने का आदेश दिया जाए।
उन्होंने कहा कि नियमों में अचानक किए गए बदलाव से सात लाख से अधिक युवा प्रभावित हो रहे हैं। उनका दावा है कि ये अभ्यर्थी 16 सितंबर 2025 तक निर्धारित नियमों के अनुसार भर्ती के लिए योग्य थे। युवाओं के हक और अधिकार की लड़ाई 11 जून से लगातार जारी है। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव, शिक्षा निदेशक समेत कई अधिकारियों से मुलाकात कर मांगों से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं होने के बाद अब निर्णायक आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
