श्रृषा वर्मा, अद्या मिश्रा, देवांशी गुप्ता, कबीर, अयति राठौर और दिविशा अग्रवाल (तस्वीरें क्रमश:)।

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बरेली में जन्माष्टमी पर इस बार की सेल्फी प्रतियोगिता में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। करीब तीन सौ प्रविष्टियां आईं। बरेली कॉलेज के चित्रकला विभाग से सेवानिवृत्त पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. पंपा गौतम ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं। राधा-कान्हा के स्वरूप में सजे बच्चों की मासूमियत का कोई मुकाबला नहीं रहा। उनमें से सर्वश्रेष्ठ का चयन करना बेहद कठिन रहा। कुछ अभिभावकों ने एआई का इस्तेमाल किया। इससे तस्वीरों की गुणवत्ता प्रभावित हुई। चयनित तस्वीरों को हम प्रकाशित कर रहे हैं। इन बच्चों को जल्दी ही कार्यालय बुलाकर पुरस्कृत किया जाएगा। अन्य तस्वीरों को हमने अमर उजाला डिजिटल पर प्रकाशित किया है।

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राधा-कृष्ण की वेशभूषा सजे बच्चे
– फोटो : स्रोत- परिजन
श्रृषा वर्मा, अद्या मिश्रा, देवांशी गुप्ता, कबीर, अयति राठौर और दिविशा अग्रवाल (तस्वीरें क्रमश:)।
