डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ पीलीभीत पुलिस ने प्रदेश की पहली गैंगस्टर कार्रवाई की है। साइबर क्राइम पुलिस थाने में गिरोह के सरगना मनीष कुमार समेत छह आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य फर्जी सीबीआई, ईडी, सीबीसीआईडी और मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल करते थे। इसके बाद फर्जी वारंट और डिजिटल अरेस्ट जैसे काल्पनिक कानून का भय दिखाकर रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
अफसर बनकर दंपती को धमकाया था
मामला थाना कोतवाली क्षेत्र के जेल लाइन निवासी जगमोहन सैनी से हुई साइबर ठगी की जांच के दौरान सामने आया। जगमोहन सैनी ने 21 दिसंबर 2024 को साइबर क्राइम पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि नौ अगस्त से 22 अगस्त 2024 के बीच अज्ञात लोगों ने उन्हें और उनकी पत्नी को व्हाट्सएप वीडियो और ऑडियो कॉल की। आरोपियों ने खुद को सीबीसीआईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। फर्जी वारंट भेजकर कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट कर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
