चुनौतियों के बीच उपलब्धियों भरे कार्यकाल का नतीजा है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की कुलाधिपति व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव पर भरोसा जताते हुए उन्हें दूसरा कार्यकाल सौंपा है। पहले कार्यकाल में पदभार संभालते ही उनके सामने बड़ी चुनौतियां थीं। इन चुनौतियों के रूप में छात्रसंघ, शिक्षक भर्ती समेत कई मुद्दों पर उनके निर्णयों ने इविवि को नैक ए प्लस का तमगा दिलवाया।

प्रथम कार्यकाल में करीब 400 शिक्षकों की नियुक्ति की गई जबकि 280 से अधिक शिक्षकों को कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के तहत पदोन्नति मिली। गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के 636 पदों पर भी नियुक्तियां हुईं। इससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिली। संवाद
एनईपी के तहत बदला स्नातक शिक्षा का स्वरूप
नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम लागू किया। इसमें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डबल मेजर डिग्री, ऑनर्स विद रिसर्च जैसे विकल्प शामिल किए गए। कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को भी स्थान दिया गया। उधर, विज्ञान संकाय में डे-केयर सेंटर की स्थापना भी प्रथम कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में रही। इससे इविवि के शिक्षकों और कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक आश्रय उपलब्ध हुआ।
