🔎 FACT CHECK | रामपुर में जुड़वां बहनों का आधार बना पहेली

रामपुर, यूपी: कक्षा 10 में पढ़ने वाली जुड़वां बहनों खिजरा जुबैर और तूबा जुबैर के आधार अपडेट का मामला इन दिनों चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक बहन का बायोमेट्रिक अपडेट होने के बाद दूसरी बहन का आवेदन सिस्टम में डुप्लीकेसी के तौर पर फ्लैग हो रहा था।
परिवार के अनुसार, कई आधार केंद्रों पर प्रयास के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। मामला रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी तक पहुंचा। जिला प्रशासन ने UIDAI के दिल्ली और लखनऊ अधिकारियों से समन्वय किया और विशेष प्रक्रिया के जरिए दोनों बहनों के आधार रिकॉर्ड अलग-अलग अपडेट कराए गए।
📌 एक जरूरी तथ्य: वायरल पोस्टों में इसे “रेटिना बिल्कुल समान” बताया जा रहा है, जबकि UIDAI की आधिकारिक जानकारी में आधार के लिए Iris (आइरिस) और fingerprints बायोमेट्रिक के रूप में दर्ज हैं। इसलिए इसे “रेटिना समान” कहना तकनीकी रूप से सही शब्दावली नहीं है।
⚠️ क्या दोनों के fingerprints/iris वास्तव में 100% समान हैं?
इस दावे की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है। उपलब्ध जानकारी यह बताती है कि सिस्टम ने दूसरी बहन के biometric details को पहले रिकॉर्ड से इतना मिलता-जुलता पाया कि आवेदन डुप्लीकेसी में चला गया।
आधार अपडेट होने के बाद दोनों छात्राओं के 10वीं बोर्ड परीक्षा से जुड़े दस्तावेजी काम में आ रही बाधा दूर हो गई है।
फैक्ट-चेक निष्कर्ष: घटना वास्तविक ✅ | “रेटिना बिल्कुल समान” दावा तकनीकी रूप से भ्रामक ⚠️ | 100% biometric समानता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली।
#Rampur #UttarPradesh #Aadhaar #UIDAI #TwinSisters #Biometric #FactCheck #ViralNews #UPNews #AadhaarCard #Education
Source
