केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार का परेड ग्राउंड में हुए ”यूथ बोले तो” कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि संवाद से ही समाधान निकलता है। युवाओं को अपनी समस्याएं, सुझाव और चिंताएं रखने के लिए लगातार मंच उपलब्ध कराने की जरूरत है।

चिराग ने कहा कि देश में बड़ी आबादी युवाओं की है, लेकिन उनके लिए अलग युवा आयोग नहीं है। उन्होंने बिहार में युवा आयोग के गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर सरकार में भागीदारी रही तो उत्तर प्रदेश में भी युवा आयोग का गठन किया जाएगा। उनके अनुसार युवा आयोग शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, व्यवसाय और युवाओं की समस्याओं पर काम करने वाला मंच होगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी राष्ट्रीय युवा आयोग बनाने की इच्छा जताई।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कहा कि परीक्षा की तिथि तय होने के बाद उनमें बदलाव नहीं होना चाहिए। अगर विभाग की गलती से परीक्षा रद्द होती है तो अभ्यर्थियों को आने-जाने, ठहरने और भोजन का खर्चा संबंधित विभाग को उठाना चाहिए। चिराग ने युवाओं से अपने हुनर को पहचानने और उसे निखारने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर युवा को नौकरी तलाशने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की दिशा में भी सोचना चाहिए। उन्होंने राजनीति में शिखित युवाओं, डॉक्टरों, इंजीनियरों, उद्यमियों और कला क्षेत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी की जरूरत बताई।
