180 यात्रियों की जान बचाकर भारत के सपूत ने दुनिया को सनातन संस्कृति का परिचय कराया : ब्रजेश पाठक
* पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर रामकथा पार्क में भव्य सम्मान समारोह आयोजित
* जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर को ‘वशिष्ठ सम्मान’ और आयुष्मान फाउंडेशन को ‘बृजनंदन सम्मान’ प्रदान
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के शौर्य और सूझबूझ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के इस वीर सपूत ने पूरे विश्व को बता दिया कि संकट में पड़े लोगों की रक्षा करना ही हमारी सनातन संस्कृति है। आज इजराइल के शीर्ष नेतृत्व सहित पूरी दुनिया भारत के इस सपूत के अदम्य साहस को नमन कर रही है।
उप मुख्यमंत्री रविवार को रामकथा पार्क में वशिष्ठ फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा पूज्य पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंडित उमापति त्रिपाठी सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित महामानव थे। 500 वर्षों के अनवरत संघर्ष के उपरांत आज जब अयोध्या धाम में भव्य राम मंदिर की धर्मध्वजा फहरा रही है, तो संपूर्ण विश्व भारतीय संस्कृति के गौरव का अनुभव कर रहा है। सरकार भारतीय संस्कृति के संवर्धन के साथ-साथ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति और गरीबों के कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के आयोजक वशिष्ठ फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया और सनातन संस्कृति के उत्थान में अयोध्या के संत समाज के योगदान को रेखांकित किया। समारोह का संचालन प्रख्यात विद्वान रघुनाथ दास शास्त्री ने किया।
वात्सल्य भाव से प्रभु राम की उपासना की मिसाल
समारोह को संबोधित करते हुए प्रख्यात विद्वान महंत मिथिलेशनंदिनी शरण ने कहा कि पंडित उमापति त्रिपाठी ने अपने तपोमय आचरण और साधना से भगवान श्रीराम की वात्सल्य भाव से आराधना कर भक्ति की अनूठी परंपरा स्थापित की। उन्होंने संस्कृत और हिंदी में दर्शन, अध्यात्म तथा रसोपासना पर कई कालजयी रचनाओं का सृजन किया।
स्वामी विद्याभास्कर को मिला ‘वशिष्ठ सम्मान’
पंडित उमापति त्रिपाठी की स्मृति में वर्ष 2018 से प्रारंभ किए गए प्रतिष्ठित ‘वशिष्ठ सम्मान’ से इस वर्ष जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी महाराज को अलंकृत किया गया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने उन्हें 51 हजार रुपये की सम्मान राशि, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। वहीं, स्वाधीनता संग्राम सेनानी बृजनंदन ब्रह्मचारी की स्मृति में दिया जाने वाला ‘बृजनंदन सम्मान’ दि आयुष्मान फाउंडेशन को प्रदान किया गया, जिसे फाउंडेशन के प्रतिनिधि पवन पटेल व उनकी टीम ने ग्रहण किया।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 1923 में अयोध्या में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) की बैठक कराने वाले अमर क्रांतिकारी बृजनंदन ब्रह्मचारी, चंद्रशेखर आजाद के प्रमुख सहयोगी रहे थे। उनकी स्मृति में निरंतर समाजसेवियों को सम्मानित किया जा रहा है।
सांस्कृतिक प्रस्तुति पर झूमे श्रद्धालु
समारोह में हिंदी एवं भोजपुरी सिनेमा के ख्यातिप्राप्त पार्श्व गायक रूपेश मिश्र और उनके साथी कलाकारों ने भजनों व सांस्कृतिक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे।
समारोह में प्रमुख संतों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, रामभूषण दास कृपालु जी महाराज, महंत अनंताचार्य जी, महंत अवधेश दास, महंत जनमेजय शरण, अधिकारी राजकुमार दास, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, विधायक अभय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, पूर्व जिलाध्यक्ष कमला शंकर पांडे, अभिषेक मिश्र, मुकेश सिंह, चंद्रभान सिंह सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, विद्वतजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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