बरेली। शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने 18 करोड़ रुपये के स्काई वॉक और तांगा स्टैंड के व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तीन साल बाद भी कमाई का जरिया नहीं बन पाए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों से राजस्व अर्जित करना था। हालांकि, किराए की ऊंची शर्तों के कारण कोई एजेंसी इन्हें लेने को तैयार नहीं है।

नगर निगम ने अब स्काई वॉक के लिए फिर से टेंडर जारी किया है। तांगा स्टैंड के कॉम्प्लेक्स को भी किराए पर देने की तैयारी चल रही है। इन करोड़ों की परियोजनाओं की व्यावसायिक उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण से पहले बाजार की मांग और संभावित किराए का आकलन प्रभावी नहीं रहा। पटेल चौक पर 11.95 करोड़ रुपये की लागत से स्काई वॉक बनाया गया है। इसमें 80 दुकानें, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियों की सुविधा भी दी गई है। एक साल पहले आनंदी इंटरप्राइजेज ने 1.20 लाख रुपये सालाना का प्रस्ताव दिया था। यह बोली कम होने के कारण खारिज कर दी गई थी। अब निगम को सालाना पांच से दस लाख रुपये किराए की उम्मीद है।
एजेंसी तय करने की प्रक्रिया लंबी खिंची
स्काई वॉक के संचालन के लिए एजेंसी तय करने की प्रक्रिया लंबी खिंच गई है। साल भर पहले तीन फर्मों ने निविदा में हिस्सा लिया था। आनंदी इंटरप्राइजेज का 1.20 लाख रुपये का प्रस्ताव कम होने से रोका गया। करीब 15 दिन पहले दोबारा निविदा निकाली गई, पर कोई एजेंसी आगे नहीं आई। अब तीसरी बार निविदा जारी की गई है। बरेली जंक्शन के पास छह करोड़ रुपये से तांगा स्टैंड व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बना है। इसमें 35 दुकानें हैं। नगर निगम ने डेढ़ साल पहले 35 लाख रुपये सालाना किराए का टेंडर निकाला था। यह कीमत अधिक होने के कारण कोई कारोबारी आगे नहीं आया। निगम अब इसे दोबारा किराए पर देने की तैयारी में है।
नगर आयुक्त ने कहा- जल्द निकाला जाएगा टेंडर
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि स्काई वॉक के लिए पहले टेंडर हुआ था, लेकिन एजेंसी की ओर से कम किराये का प्रस्ताव मिलने से आवंटन रद्द कर दिया गया। करीब 15 दिन पहले दोबारा निविदा निकाली गई, लेकिन कोई एजेंसी नहीं आई। तांगा स्टैंड पर बने कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए भी जल्द टेंडर निकाला जाएगा।
