बरेली। नगर निगम ने कोर्ट के आदेश पर पार्कों के रखरखाव के लिए ब्लैकलिस्टेड एजेंसी परमार कंस्ट्रक्शन को फिर से जिम्मेदारी सौंप दी है। शहर के करीब 332 पार्कों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इससे नगर निगम की रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

कई पार्कों में हरियाली उजड़ गई है और सफाई व्यवस्था कमजोर है। बच्चों के खेलने के झूले और बैठने की बेंचें भी टूटी पड़ी हैं। परमार कंस्ट्रक्शन, आगरा को नवंबर 2024 में दो साल के लिए 5.28 करोड़ रुपये का ठेका मिला था। इस ठेके के तहत एजेंसी को 125 माली और कर्मचारी लगाने थे। जबकि पहले केवल 24-25 मालियों से ही काम होता था। इतनी मोटी रकम के बावजूद पार्कों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
कंपनी के ब्लैकलिस्टेड होने का मामला सामने आया तो नई एजेंसी को काम देने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी बीच परमार कंस्ट्रक्शन फर्म कोर्ट चली गई। वहां का आदेश मिलने पर कंपनी को फिर जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। इंद्रानगर, आवास विकास, जनकपुरी के पार्कों की हालत खराब है। आवास विकास कॉलोनी से सटे प्रियदर्शिनी नगर के पार्क में बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके डीडीपुरम के पास बने पार्क में भी गंदगी का अंबार लगा है।
मामला 1
इंद्रानगर में करीब 10 पार्कों की बदहाल स्थिति है। यहां पर हर पार्कों में कूड़े कचरे का मलबा जमा हुआ है या फिर वाहनों की पार्किंग के रूप में इस्तेमाल हो रहे है। साथ ही कहीं हैंडपंप खराब है। पार्कों में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना ने बताया कि एजेंसी को जिम्मेदारी भले दी गई है लेकिन सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
मामला 2
रामपुर बाग में करीब नौ पार्क होंगे। उनकी भी स्थिति बदतर है। पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि मुख्य मार्ग के पार्कों की सफाई सिर्फ दो अक्तूबर, 26 जनवरी व 15 अगस्त को की जाती है। इसके अलावा कोई काम नहीं किया जाता है। अंदर के गलियों वाले पार्कों की सफाई नहीं कराई जाती।
मामला 3
रेलवे कॉलोनी वार्ड में बड़ा पार्क में वाहनों की पार्किंग होती है। साथ ही नंदन वन कॉलोनी की भी ऐसी ही स्थिति है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है, इसमें झाड़-झंखाड़ हो गया है। इस कारण बच्चों को खेलने में परेशानी होती है।
वर्जन
जो भी पार्क बदहाल स्थिति में हैं, उनकी सफाई व मरम्मत कराई जाएगी। एजेंसी बदलने की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान ब्लैकलिस्टेड एजेंसी कोर्ट से बहाली का आदेश ले आई। इस कारण उसे पुन: जिम्मेदारी दे दी गई। आउटसोर्सिंग एजेंसी को निर्देश देकर सफाई कराई जाएगी। – संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
