बरेली। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर रविवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2026) का आयोजन दो पालियों में किया गया। पंजीकृत 20,644 में से 14,035 (67.98%) अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। प्रथम पाली की परीक्षा में पंजीकृत 10344 में से 7000 और दूसरी पाली में पंजीकृत 10344 में से 7035 अभ्यर्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर आए अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को सामान्य बताया। कहा कि करंट अफेयर्स के कई सवाल उलझाऊ थे। प्रथम पाली में पूछा गया कि व्हाट्सएप के जरिये आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) सेवाएं देने के लिए जून 2026 में कौन-सी डिजिटल सेवा शुरू की गई।
मैट्रिक्स एक्सवी ज्वाइंट एक्सरसाइज किन देशों के बीच हुई? सहित अन्य कई सवाल भी पूछे गए। कला वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र में कैलकुलेशन अधिक लगी। अभ्यर्थियों ने कहा कि न सिर्फ गणित में बल्कि रीजनिंग में भी काफी गुणा भाग से जुड़े सवाल आए।
कड़ी सुरक्षा जांच के बाद मिला प्रवेश
कड़ी सुरक्षा जांच के बाद सभी को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। पुरुष अभ्यर्थियों की बेल्ट, जूते, घड़ी सहित धातु का अन्य सामान उतरवाने के बाद केंद्र में प्रवेश दिया गया। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने पीईटी की प्रथम पाली में इस्लामिया गर्ल्स और एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
उलझाऊ सवालों में लगा ज्यादा समय गणित व रीजनिंग के सवाल फिर भी ठीक थे, लेकिन इस बार करंट अफेयर्स के सवालों ने बेहद परेशान किया है। इस वजह से अंकों का गणित प्रभावित होगा। – शिवशंकर, सुल्तानपुर
गणित और रीजनिंग के सवालों में गुणा-भाग ज्यादा थी। करंट अफेयर्स वाले खंड ने ज्यादा समय लिया। हिंदी के प्रश्न आसान थे। कुल मिलाकर पेपर मुश्किल रहा। – विनीता, बदायूं
करंट अफेयर्स की तैयारी ठीक से नहीं हो पाई थी। इस खंड में अंक कम मिलेंगे। गणित व रीजनिंग के सवालों को हल करने में भी समय लगा। – मधु यादव, बदायूं
देरी से पहुंचे कई अभ्यर्थी नहीं दे पाए परीक्षा
केंद्रों तक देरी से पहुंचने वाले कई अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। प्रवेश पत्र पर स्पष्ट निर्देश थे कि प्रवेश द्वार आधा घंटा पहले बंद हो जाएगा। परीक्षा से वंचित अभ्यर्थियों ने केंद्र दूर होने की बात कही।
विशेषज्ञ बोले- गणित का कुछ हिस्सा रहा कठिन
12 वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे रवि मौर्य ने बताया कि गणित के सवाल वैसे तो आसान रहे लेकिन डेटा व्याख्या के सवाल मुश्किल रहे। इसमें कैलकुलेशन काफी रही। रीजनिंग बहुत कम आई।
