बरेली। त्योहारी सीजन में ट्रेनों और रोडवेज बसों पर यात्रियों का दबाव बढ़ा हुआ है। दिवाली पर जंक्शन और रोडवेज बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या आम दिनों की तुलना में दोगुनी तक पहुंचने का अनुमान है। रेलवे और रोडवेज की ओर से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का दावा है मगर, जंक्शन और बस अड्डों पर निगरानी के लिए लगाए गए कई सीसीटीवी कैमरे काम ही नहीं कर रहे। जंक्शन पर 37 में से 11 और बस अड्डों पर 18 में से सात कैमरे क्रियाशील नहीं हैं।

जंक्शन पर छह प्लेटफॉर्म हैं। इनमें से एक और दो पर यात्रियों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है। भीड़-भाड़ के दौरान इन्हीं दोनों प्लेटफॉर्म पर हादसे भी होते हैं। सामान्य दिनों में जंक्शन से होकर 102 ट्रेनें गुजरती हैं। त्योहार के सीजन में इस बार रेलवे 48 विशेष गाड़ियां भी चला रहा है।
सामान्य दिनों में जंक्शन पर 40 से 45 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। यहां लगे 37 में से 11 कैमरे काम ही नहीं कर रहे। जीआरपी ने इस संबंध में रेलवे को लिखा है।
सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की औसत संख्या रोजाना 25 से 30 हजार रहती है। पुराने रोडवेज बस अड्डे पर 10 और सेटेलाइट बस अड्डे पर आठ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें भी दोनों स्थानों पर सात कैमरे काम नहीं कर रहे।
रात में बिजली गुल होते ही पसर जाता है अंधेरा
सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस अड्डों पर बिजली गुल होने पर जनरेटर की व्यवस्था है। दोनों स्थानों पर जनरेटर पर रोजाना औसतन 20 लीटर डीजल भी फुंक रहा है, लेकिन यहां रात का नजारा बदला हुआ दिखता है। बिजली गुल होने की दशा में जनरेटर नहीं चलाया जाता। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। चालक-परिचालकों को बसों की लाइट जलाकर रोशनी करनी पड़ती है। प्रभारी आरएम आयुष भटनागर का कहना है कि कैमरे ठीक कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इन्हें सही करा दिया जाएगा। संवाद
जंक्शन पर कुछ सीसीटीवी कैमरे खराब होने के संबंध में रिपोर्ट मिली है। कैमरों को ठीक कराने के लिए रेलवे से पत्राचार किया गया है। त्योहार के सीजन के मद्देनजर सभी बंदोबस्त किए जा रहे हैं। कैमरों को भी जल्द ठीक कराया जाएगा। – विश्वजीत प्रताप सिंह, सीओ जीआरपी, मुरादाबाद अनुभाग





