फर्रुखाबाद। बजरंग दल के मोहम्मदाबाद नगर संयोजक योगेंद्र सिंह के साथ शहर के चौक पर रविवार शाम मारपीट और लूट के आरोप की घटना में पुलिस ने प्राथमिकी नहीं लिखी। दो आरोपियों पर शांतिभंग की कार्रवाई की है। धरना देने पर कोतवाली गेट से पुलिस के भगाने पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) व बजरंग दल कार्यकर्ताओं में गुस्सा बरकरार है। उन्होंने जेलमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल डीएम से मुलाकात करेगा।

मोहम्मदाबाद निवासी बजरंग दल के नगर संयोजक योगेंद्र सिंह के साथ रविवार शाम चौक पर कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। कार्यकर्ताओं के साथ वह कोतवाली पहुंचे थे। उन्होंने मारपीट के दौरान अंगूठी व रुपये ले जाने की तहरीर दी। पुलिस ने लिखापढ़ी से आनाकानी की, तो विहिप जिलाध्यक्ष मुकेश बाथम की अगुवाई में 50 से अधिक पदाधिकारी व कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए।
उन्होंने धरना देकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को दौड़ा लिया। इसके बाद हिंदूवादी नेता सुशील कुमार सिंह ने कोतवाली प्रभारी से बात की। उनकी सूचना पर देर रात सीओ अभय वर्मा भी पहुंचे। पदाधिकारियों ने उनसे शिकायत कर प्राथमिकी लिखाने की मांग की। रात में ही योगेंद्र सिंह का परीक्षण कराया गया।
विहिप के जिला सहमंत्री प्रवीन अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को लाठियां मारकर भगाया था। मंगलवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलोत ने बताया कि लूट की बात गलत है। सही तहरीर मिलने पर लिखापढ़ी करेंगे। दो आरोपियों पर शांतिभंग की कार्रवाई की है।





