फर्रुखाबाद। बैंक मैनेजर की 22 साल पहले गोली मारकर हत्या करने के साथ उनका बैग लूट लिया गया था। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र/अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने जनपद बदायूं के थाना उसैत क्षेत्र के खेड़ा जमालपुर निवासी महेश को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

कोतवाली कायमगंज के मोहल्ला चिलाका निवासी विनोद कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 26 मई 2004 को उनके बड़े भाई बैंक मैनेजर अशोक कुमार राठौर बैंक ऑफ इंडिया की चंदुइया शाखा जा रहे थे। वह बैंक के स्टाफ रामबाबू की बाइक पर सवार थे। सुबह करीब 9:45 बजे गांव झब्बूपुर के आगे पीछे से आई सफेद मारुति वैन ने बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया।
वैन से उतरे चार बदमाशों ने तमंचों से अशोक कुमार और रामबाबू पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से अशोक कुमार बाइक पर ही लुढ़क गए। बदमाश उनके हाथ से बैग छीनकर अचरा की ओर भाग गए। बैग में बैंक की चाबियां, टिफिन और जरूरी कागजात थे।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। विवेचना में जनपद बदायूं के निवासी महेश और आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र के जयराम बाग कॉलोनी निवासी जगदीश के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों के पास से तमंचे और कारतूस बरामद कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी जगदीश की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने महेश को 31 अक्तूबर को दोषी करार दिया था।
