आंवला (बरेली)। रामनगर रोड स्थित एक बरातघर में प्राइवेट डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन नाम के एक नए संगठन के बैनर तले हुआ कार्यक्रम खासी चर्चा का केंद्र रहा। यहां मौजूद इलाके भर के झोलाछाप ने खुद को जीवन रक्षक मित्र बताकर अपनी खूबियां गिनाईं और मुख्य धारा में सेवा करने का मौका देने की मांग की। इससे भी एक कदम आगे बढ़कर यहां पहुंचे भाजपा नेताओं ने इनका साथ देने का दम भरा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख यशवंत सिंह और रामनगर ब्लॉक प्रमुख के पति मित्रपाल सिंह की मौजूदगी में झोलाछापों का दर्द छलका। उन्होंने कहा कि हम गांव की गलियों से लेकर नगर की डिस्पेंसरी तक इलाज करते हैं लेकिन कहलाते झोलाछाप हैं। हमारी सरकार से मांग है कि हमें छह महीने का प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र देकर मुख्यधारा में शामिल किया जाए। हम ट्रेनिंग लेने को पूरी तरह तैयार हैं।
इनमें से एक ने कहा कि हम गांव में तीस रुपये की पुड़िया से बुखार उतारकर टूटी सांसों को जोड़ देते हैं। जबकि नामचीन अस्पतालों में पर्ची हजार की और बिल लाखों का होता है। वहां मरीज की जान चली जाए तो भी कोई सवाल नहीं पूछता। कोरोना काल में जब बड़े अस्पतालों ने दरवाजे बंद कर लिए तब हमने मरीजों का उपचार कर जान बचाई थी। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक अजय राज शर्मा, बच्चन, आरए सैनी, जितेंद्र सिंह, मनोहर लाल मौर्य, महिपाल सिंह, टीआर गोले व नवीजान सैनी रहे। संवाद
हमारे ज्ञान में कमी है तो सिखाए सरकार
झोलाछापों ने कहा कि हमें भगाया और दुत्कारा न जाए, बल्कि तराशा जाए। यदि हमारे ज्ञान में कमी है, तो सरकार हमें सिखाए, प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र दे। हम अनुभव से आगे बढ़े हैं और अब भागने वाले नहीं हैं। हम बरसों से गांव-गांव लोगों की जान बचा रहे हैं। प्रशिक्षण मिलने से हम और बेहतर तरीके से मरीजों की सेवा कर सकेंगे।
मुख्य अतिथि ने दिया भरोसा
मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह ने बैठक में कहा कि ये उनके स्तर का मामला नहीं है लेकिन वह उन लोगों की मांग जन प्रतिनिधियों के जरिये शासन तक ले जाने का काम कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह उनकी हरसंभव मदद करेंगे। दूसरे अतिथियोें ने भी इसी तरह के दावे किए।
– हमें इस कार्यक्रम में बुलाया गया था तो हम चले गए। हमें इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। – आदेश प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष, आंवला क्षेत्र
