– जिला समाज कल्याण विभाग करा रहा सत्यापन
– सत्यापन के बाद वृद्धावस्था पेंशन चालू कर दी जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। पांच वर्ष में जनपद के 287 मृतक व अपात्र घोषित किए गए बुजुर्गों को जीवनदान मिल रहा है। इससे उन्हें फिर वृद्धावस्था पेंशन मिलने की आस जगी है। इसके लिए जिला समाज कल्याण विभाग से लाभार्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उनकी वृद्धावस्था पेंशन चालू कर दी जाएगी।
बुजुर्गों को परिवार में सम्मान मिले और वह किसी पर बोझ न बनें, इसके लिए सरकार उन्हें वृद्धावस्था पेंशन के रूप में प्रति वर्ष 12 हजार रुपये चार किस्तों में दे रही है। इससे बुजुर्गों को अपना खर्च निकालने में सहारा मिलने के साथ घर-परिवार में बच्चों को भी खुश करने का प्रयास करते हैं। हर वर्ष इनका सत्यापन किया जाता है। इसमें लापरवाही के चलते कुर्सी पर बैठकर पूरे गांव का सत्यापन हो जाता है।
विपक्षियों के बयान पर बुजुर्गों को मृत या अपात्र दिखाकर रिपोर्ट सौंप दी जाती है। इससे उनकी पेंशन बंद होने से बुढ़ापे का सहारा छिन जाता है। इससे वह पुन: पेंशन चालू कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने लगे। कुछ ऐसे ही मामलों में शिकायतें बढ़ीं तो हकीकत खुलकर सामने आ गई। मृत दिखाए गए बुजुर्गों की आवाज जब शासन तक पहुंची और उन्होंने अधिकारियों के सामने खडे़ होकर अपने जीवित होने का प्रमाण दिया तो जांच कराई गई।
पांच वर्ष में मृतक व अपात्र दिखाए गए 287 बुजुर्गों की रिपोर्ट शासन को भेजकर पुन: पेंशन चालू कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे अब उनकी दोबारा पेंशन चालू होने की उम्मीद जगी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी ने बताया कि पांच वर्ष में कुल 287 मृतक व अपात्र बुजुर्गों का वह पुन: सत्यापन करवा रही हैं। सत्यापन में जीवित व पात्र पाए जाने पर उनकी वृद्धावस्था पेंशन चालू करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इसी के बाद उन्हें फिर वृद्धावस्था पेंशन मिलने लगेगी।

