फर्रुखाबाद। नाबालिग से अश्लील हरकत करने के प्रयास के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने टिंकू उर्फ जयमंगल और रीना को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने दोनों के जमानतनामे निरस्त कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। अदालत में सजा के प्रश्न पर सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।

कंपिल थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 15 जून 2017 को वह अपनी 14 वर्षीय बेटी और 11 वर्षीय बेटे को घर पर छोड़कर पड़ोस में गई थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली रीना उसकी बेटी को बहाने से अपने घर ले गई। वहां पहले से मौजूद गांव सिकंदरपुर खास निवासी टिंकू उर्फ जयमंगल ने एक कमरे में किशोरी को अंदर कर दरवाजा बंद कर लिया।
महिला घर लौटी तो बेटी नहीं मिली। बेटे से जानकारी मिलने पर वह रीना के घर पहुंची। कमरे में झांकने पर उसने टिंकू उर्फ जयमंगल को बेटी के साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास करते देखा।
पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत ने टिंकू उर्फ जयमंगल को अश्लील हरकत करने, गलत तरीके से कमरे में बंद रखने, आपराधिक साजिश रचने और नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के प्रयास से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया। वहीं, रीना को गलत तरीके से किशोरी को बंद रखने, आपराधिक साजिश में शामिल होने और नाबालिग के यौन उत्पीड़न के लिए उकसाने और सहायता करने से जुड़े अपराधों में दोषसिद्ध किया।





