नवाबगंज। रामलीला मैदान में 11 दिनों से चल रही रामलीला में बुधवार को रावण वध का मंचन किया गया। मेघनाद वध, सुलोचना सती और कुंभकरण वध के प्रसंगों के बाद भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध हुआ। दोनों ओर से जमकर तीर चले। अंत में विभीषण ने श्रीराम को रावण की नाभि में अमृत होने की जानकारी दी। इसके बाद श्रीराम ने नाभि पर तीर चलाकर रावण का वध कर दिया।

रावण के धराशायी होते ही मैदान में भक्तों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। आतिशबाजी से पूरा मैदान गूंज उठा। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंचन के दौरान मेघनाद और लक्ष्मण के युद्ध के साथ मेघनाद वध तथा सुलोचना सती का प्रसंग भी दिखाया गया।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अनिल वर्मा नन्हे, प्रशांत गुप्ता पिंटू, सत्येंद्र यदुवंशी, रघुनाथ सिंह सहित कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि देर रात में राम राज्याभिषेक का मंचन किया जाएगा।
