
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय संघन टीबी रोगी खोजी अभियान के अंतर्गत आज उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर पारुल मित्तल और उनकी टीम के द्वारा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पीलीभीत में टीबी की कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिला क्षय रोग केंद्र की एक टीम आज पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पीलीभीत पहुंची, वहां टीम का सबसे पहले विद्यालय के प्रिंसिपल असलम जावेद के द्वारा बच्चों के द्वारा बनाए गए कार्ड देकर स्वागत किया गया.कार्यशाला में बोलते हुए डॉक्टर पारुल मित्तल ने बच्चों को और सभी शिक्षकों को बताया कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2025 में भारत को टीबी मुक्त घोषित करने का वचन लिया है, इसी क्रम में यह जागरूकता कैंप लगाया जा रहा है जिसके द्वारा बच्चों में जागरूकता आए और वह किसी ऐसे व्यक्ति को देखें जिसे हफ्ते भर से ज्यादा खांसी या बुखार या वजन कम हो रहा हो तो उसको अपने नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर भेज कर जांच करवाई और टीबी का सरकार के द्वारा दिया जा रहा मुफ्त इलाज दिलवाएं, जिससे इस बीमारी पर जल्द से जल्द विजय प्राप्त की जा सके.जिला छह रोग केंद्र के सीनियर सुपरवाइजर शेर सिंह चौहान के द्वारा बच्चों को ट्यूबरक्लोसिस के इतिहास के बारे में विस्तार से समझाया और उसके लक्षण एवं उसका बचाव और किस तरह से उसका इलाज किया जाता है सारी बातों को बारीकियों से समझाया गयाउनके द्वारा बताया गया कि अभियान में 60 साल से ऊपर के व्यक्ति और तंबाकू एवं बीड़ी सिगरेट का सेवन करने वाले एवं अल्कोहल लेने वाले और शुगर से ग्रसित मरीजों को खोज खोज कर उनकी टीबी की जांच की जा रही है ।अंत में छह रोग केंद्र के सीनियर सुपरवाइजर राजेश कुमार गंगवार ने बच्चों को टीबी से बचाव और टीबी के बारे में विस्तृत जानकारी दी और सारे बच्चों से जो भी समझाया गया उसके बारे में प्रश्न किया गए, जिन बच्चों ने उनके प्रश्नों का सही-सही आंसर दिया उनको उनकी तरफ से एक-एक पेन गिफ्ट किया गए ऐसे 10 बच्चों को क्षय रोग की टीम के द्वारा पुरस्कार स्वरूप पैन गिफ्ट किये गये।कार्यशाला के अंत में केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल असलम जावेद के द्वारा क्षय रोग केंद्र के डॉक्टर और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया गया, उनके द्वारा कहा गया कि जो बच्चों को जानकारी दी गई है वह आगे इसको समाज में फैलाएंगे और लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेंगे। इस कार्यशाला में केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक अभिषेक गौर , आकांक्षा सक्सेना , पम्मी भारती मौजूद रही और कार्यशाला में सहयोग प्रदान किया ।

