
आईएपीटी अंवेषिका के तत्वाधान में आज सरस्वती शिशु विद्या मंदिर साहूकारा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया| इस अवसर पर विज्ञान मॉडल, पोस्टर व प्रहसन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | इनमें कौशिक, अभिषेक और जूही ने बाजी मारी | इन्हें प्रशस्ति पत्र पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया| समाज में विज्ञान लोकप्रियकरण के प्रयासों का संज्ञान लेते हुए सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य अशोक कुमार को सम्मानित किया गया| कार्यक्रम आयोजन में अमित कुमार, यामिनी मिश्रा और वेदपाल का सहयोग रहा| समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि सीवी रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज को चिन्हित करने के लिए हर साल 28 फरवरी को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है| इस वर्ष भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 की थीम विकासशील भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना निर्धारित की गई है| राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का उद्देश्य वैज्ञानिक उपलब्धियां के प्रति जागरूकता बढ़ाना है |वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करना है| रमन प्रभाव जिसके लिए सीवी रमन को नोबेल पुरस्कार मिला उसका सम्मान करना है |विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए प्रेरित करना है| देश में विकास की भूमिका को उजागर करना है| शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना है| युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करना है |विज्ञान और समाज के बीच की दूरी कम करना है| तकनीकी प्रगति के प्रति जागरूकता फैलाना है तथा वैज्ञानिक मानसिकता को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है | कल जेएमबी इंस्टीट्यूट आफ लाइफ साइंस एंड हायर स्टडीज में दूसरे दिन चार अभिव्यक्ति एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा|

