{“_id”:”6abb3399b5582c6b22098d85″,”slug”:”converted-to-the-faith-350-years-ago-offer-prayers-five-times-a-day-yet-observed-hindu-customs-in-ghazipur-2026-09-29″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”350 साल पहले बदला धर्म: 5 वक्त के हैं नमाजी, निभाते हैं हिंदू रीति-रिवाज; कार्ड पर लिखवाया था नौशाद अहमद दूबे”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}


dharm parivartan
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मुगल शासक औरंगजेब के जमाने में करीब 350 साल पहले हिंदू पूर्वजों ने इस्लाम धर्म अपनाया। पीढ़ियां बदलती गईं। धीरे-धीरे इस्लाम में रच-बस गए। उनके दिन की शुरुआत अजान से होती है। पांच वक्त के नमाजी हैं लेकिन कुछ मुस्लिम परिवार आज भी हिंदू रीति-रिवाजों से खुद को बंधा महसूस करते हैं।
नई दुल्हन जब ससुराल आती है तो परछावन और चावल फेंकने की रस्म होती है। इस्लाम में इसे नाजायज माना जाता है। हल्दी लगाना, माड़ो गाड़ना, वर छेका करने का रिवाज भी है। नवविवाहिताएं लाल जोड़ा पहनती हैं।