डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में नियुक्तियों से जुड़े विवाद के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने विधि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक शर्मा को निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय की ओर से लैपटॉप की फोरेंसिक जांच में गोपनीय दस्तावेज मिलने का उल्लेख किया गया है। इसमें 12 सहायक प्रोफेसरों की चयन व नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज भी शामिल बताए गए हैं।

विश्वविद्यालय के आदेश के मुताबिक डॉ. शर्मा के आचरण को लेकर शिकायतें मिलने के बाद 31 अगस्त को तथ्य-जांच समिति गठित की गई थी। फोरेंसिक जांच में उनके लैपटॉप से विश्वविद्यालय की गोपनीय सामग्री से संबंधित चार दस्तावेज मिलने की बात सामने आई। इनमें 12 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज के अलावा एक सहायक रजिस्ट्रार की नियुक्ति से संबंधित पत्राचार का भी उल्लेख है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
डॉ. शर्मा को जवाब दाखिल करने के लिए एक अक्तूबर तक का समय दिया गया था। उनके अनुरोध पर दो दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी गई, लेकिन निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर विश्वविद्यालय ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश में पद के दुरुपयोग, कदाचार, गोपनीय जानकारी के कथित खुलासे और आधिकारिक कार्यों में हस्तक्षेप जैसे आरोपों का भी उल्लेख है।
