
*”आप कहते हैं, चुनाव में गड़बड़ी हुई है, तो सबूत सामने रखिए, जवाब मांगिए। कानूनी रास्ते पर चलिए। निष्पक्ष जांच की मांग कीजिए। किसी आरोप को सच साबित करने के लिए प्रमाण चाहिए।”*

बिना किसी ठोस प्रमाण के संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना, जनता को गुमराह करना, अफवाहों से माहौल बिगाड़ना और हिंसक प्रदर्शनों के नाम पर आम लोगों की रोजी-रोटी छीनने वाली विपक्ष और फर्जी प्रदर्शनकारियों की अराजक राजनीति को अभिनेता अनुपम खेर ने पूरी बेबाकी के साथ आईना दिखाया है और संवैधानिक मर्यादा व तथ्यों की राजनीति का पाठ पढ़ाया है।
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