मतदाता सूची में कथित छेड़छाड़ का मामला पहुंचा डीएम-एसपी तक, एफआईआर की मांग

कुमुद गंगवार ने डीएम और एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र, पूरक सूचियों की वैधता पर उठाए सवाल; स्वतंत्र साइबर फॉरेंसिक जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग
पीलीभीत (न्यूज डेस्क कार्यालय)। जनपद की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। 127-पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कुमुद गंगवार ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को अलग-अलग प्रार्थना पत्र सौंपे हैं। शिकायत में लगभग 13,150 मतदाताओं के ईपीआईसी रिकॉर्ड में बिना निर्धारित प्रक्रिया के बदलाव, लगभग 804 मतदाताओं के नाम कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 के जरिए काटने और करीब 2,600 नाम बिना वैध फॉर्म-6 के जोड़े जाने के आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने मामले में संबंधित निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने, एफआईआर दर्ज कराने तथा जनपद की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का स्वतंत्र साइबर फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की 419 बूथों की मूल मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को किया गया था। आरोप है कि इसके बाद पूरक सूची संख्या-2 और 3 पार्टल पर अपलोड की गईं, जिनकी प्रक्रिया और अनुमति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित बदलावों के अलावा लगभग 2,600 नाम बिना वैध फॉर्म-6 के जोड़े जाने और लगभग 804 मतदाताओं के नाम कथित रूप से फॉर्म-7 के आधार पर हटाए जाने की शिकायत भी की गई है।
### स्वतंत्र जांच की मांग
कुमुद गंगवार ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाताओं को नोटिस देने और उनका पक्ष सुनने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने निर्वाचन नियमों के कथित उल्लंघन की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मतदाता सूची में बदलाव से संबंधित रिकॉर्ड, सर्वर लॉग, ईपीआईसी फाइल मूवमेंट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि स्वतंत्र साइबर फॉरेंसिक जांच के माध्यम से यह पता लगाया जा सके कि रिकॉर्ड में बदलाव किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत किए गए।
### चार विधानसभा क्षेत्रों के रिकॉर्ड की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पीलीभीत जिले की चारों विधानसभा सीटों—127 पीलीभीत सदर, 128 बरखेड़ा, 129 पूरनपुर और 130 बीसलपुर—की मूल मतदाता सूची तथा पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड का शत-प्रतिशत मिलान कराने की मांग की है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक समिति अथवा स्वतंत्र विशेषज्ञों की निगरानी में जांच कराने का अनुरोध भी किया है।
### अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
प्रार्थना पत्र में जिला निर्वाचन अधिकारी, संबंधित ईआरओ/एईआरओ, बीएलओ तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि जांच पूरी होने तक संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं।
इसके अतिरिक्त, शिकायत में पूरक मतदाता सूची संख्या-2 और 3 को निरस्त करने तथा 10 अप्रैल 2026 की मूल मतदाता सूची को मान्य रखने का अनुरोध किया गया है।
महत्वपूर्ण: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और की गई मांगों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए।
