बरेली। नगर निगम की तरफ से सथरापुर में 27 करोड़ रुपये से तैयार किए गए 500 टन क्षमता वाले कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन पांच साल बाद भी शुरू नहीं हो सका। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) का इंतजार है।

जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर सथरापुर गांव में 20 हेक्टेयर भूमि पर इस प्लांट का निर्माण वर्ष 2021 में पूरा हो गया था। एजेंसी का चयन नहीं होने से पांच साल तक परियोजना अटकी रही। जनवरी 2026 में दिल्ली की कंपनी पाथ्या को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। कंपनी ने अपने खर्च पर मशीनें भी लगा दी हैं।
शहर से रोज निकलने वाले 450 टन से अधिक कूड़े को बाकरगंज में एकत्रित किया जा रहा है। वहां तीन लाख टन से अधिक कूड़े का पहाड़ होने के कारण लोगों को दुर्गंध, गंदगी आदि का सामना करना पड़ता है। इससे मुक्ति दिलाने के लिए सथरापुर में प्लांट लगाया गया है। मशीनों का ट्रायल पूरा होने के बाद अब प्लांट का संचालन किया जाना है। इसके शुरू होने से कूड़े के निस्तारण में तेजी आएगी।
काम पूरा हो गया है। प्लांट को जल्द शुरू कराया जाएगा, ताकि कूड़ा निस्तारण में तेजी आ सके। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी का इंतजार किया जा रहा है। – संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
