{“_id”:”6adc8aaa542de61c1a0da941″,”slug”:”pilibhit-voter-list-case-investigation-amid-claims-and-counter-claims-2026-10-24″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”पीलीभीत वोटर लिस्ट केस: निष्पक्षता और दावों के बीच जांच पर टिकीं निगाहें, भाजपा ने साजिश बता खारिज किए दावे”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}


सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : संवाद
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में प्रविष्टियों और संशोधनों से जुड़ा मामला जिले में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मामले में दर्ज हुई एफआईआर के बाद निर्वाचन प्रक्रिया, प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक दावों को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। विपक्षी दलों विशेषकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूचियों में प्रविष्टियों के निस्तारण और रिकॉर्ड में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष 16,504 रिकॉर्ड में अनियमितताओं का दावा करते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है। वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी पक्ष ने इन सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि प्रविष्टियों में अंतर तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से हुआ या इसके पीछे अन्य वजहें थीं।
संबंधित अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में मतदाता सूचियों के सत्यापन और संशोधन का कार्य कराया जा रहा है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न हो। इसी बीच, जारी मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रशासन 24 अक्तूबर को लगने वाले विशेष मेगा शिविर के जरिये नामावली को पूरी तरह दुरुस्त करने में जुटा रहा।