भगवान श्रीराम की निषादराज गुह से मित्रता और निषाद समाज के आत्मीय संबंधों की साक्षी पावन धरती शृंग्वेरपुर धाम में 37वें राष्ट्रीय रामायण मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

कार्तिक एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक 20 से 24 नवंबर के बीच आयोजित होने वाले पांच दिवसीय मेले के सफल आयोजन की कामना से सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा पूजन एवं गंगा आरती की गई।
हरिद्वार स्थित परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि शृंग्वेरपुर धाम दिव्यता और आस्था की धरती है। भगवान श्रीराम के वनगमन के प्रसंग में निषाद समाज का विशेष स्थान है। यहां निषाद समाज के लोगों को भगवान श्रीराम की सेवा और उनके प्रति समर्पण का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह भूमि सामाजिक समरसता, प्रेम और भक्ति का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि शृंग्वेरपुर धाम की आरती विश्व स्तर पर पहुंचे और यहां आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की सुगंध पूरे विश्व तक फैले। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे शृंग्वेरपुर धाम को सजाने-संवारने और इसकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में अपना योगदान दें।
गंगा पूजन में महंत कमलदास महाराज, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, माधव दास महाराज और राघव दास महाराज शामिल हुए। रामायण मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष बालकृष्ण पांडेय, उपाध्यक्ष सियाराम सरोज और जेएन यादव ने भी पूजन में सहभागिता की।
संचालन रामायण मेला आयोजन समिति के महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी ने किया। मौके पर सहकारी संघ के अध्यक्ष कृष्ण चंद्र पांडेय, बलराम सिंह, अमित द्विवेदी, विनोद ओझा, अमरजीत कुशवाहा और आलोक तिवारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामचंद्र फौजी आदि रहे।





