बरेली। नेपाल के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण लेडीबर्ड बीटल की 35 प्रजातियां खतरे में हैं। बरेली कॉलेज के जीव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह व शोधार्थी शांति धामी के अध्ययन में पता चला है कि कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल से ऐसा हुआ है।

डॉ. राजेंद्र ने बताया कि लेडीबर्ड बीटल खेती के लिए बेहद जरूरी मित्र कीट माने जाते हैं, पर कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग और प्राकृतिक आवासों के विनाश से इनका अस्तित्व खतरे में है। अध्ययन में 1,842 लेडीबर्ड कीटों का सर्वेक्षण किया। पता चला कि इस समुदाय में कीट भक्षी प्रजातियों की तादाद 84.5 फीसदी हैं। ये फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक कीटों माहू आदि का शिकार करती हैं।
अध्ययन के अनुसार, एकल फसलों वाले खेतों में इनकी तादाद सबसे कम पाई गई। वैज्ञानिक विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि पौधों की प्रजातियों की समृद्धि, फूलों की उपलब्धता और जटिल आवासों के साथ इन कीटों का गहरा संबंध है। एकल खेती के बढ़ावे से इनकी तादाद में कमी आई है। जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण भी इन मित्र कीटों के लिए बड़े खतरे बन चुके हैं। शोधकर्ताओं ने रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता घटाने की सलाह दी है। संवाद





