त्योहारी सीजन में ट्रेनों की भारी लेटलतीफी ने यात्रियों की मुश्किलें इस हद तक बढ़ा दी हैं कि उनकी मंजिल उनसे कोसों दूर नजर आने लगी है। सबसे बुरा हाल विशेष ट्रेनों का है। इनमें यात्रियों ने त्योहार पर समय से घर पहुंचने की आस में जेब ढीली कर भारी-भरकम किराया चुकाया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घंटों और दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

प्रयागराज जंक्शन पर आने वाली 04132 बंगलूरू-कानपुर स्पेशल ट्रेन रिकॉर्ड 21 घंटे 45 मिनट की देरी से चली। इस ट्रेन को पांच नवंबर की रात 11:10 बजे जंक्शन पहुंचना था लेकिन छह की रात आठ बजे तक भी यह ट्रेन प्रयागराज नहीं पहुंच सकी। इसके अलावा 02418 शकूरबस्ती-प्रयागराज स्पेशल भी तीन घंटे 20 मिनट की देरी से पहुंची। यही बदहाल तस्वीर प्रयागराज छिवकी स्टेशन की भी रही। यहां से गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनें घंटों विलंबित रहीं। छिवकी आने वाली 05558 एलटीटी-रक्सौल स्पेशल ट्रेन को सुबह 4:20 बजे आना था। जो 18 घंटे 30 मिनट तक लेट रही।
इसके अलावा 09343 डॉ. अंबेडकरनगर-दानापुर स्पेशल 9 घंटे, 01051 लोकमान्य तिलक-बनारस स्पेशल सात घंटे 55 मिनट, 09821 धनबाद स्पेशल पांच घंटे 45 मिनट, 01449 हडपसर-मुजफ्फरपुर स्पेशल 5 घंटे 50 मिनट, 04150 दानापुर-पुणे स्पेशल 5 घंटे 30 मिनट, 01442 दानापुर-हडपसर स्पेशल 5 घंटे 30 मिनट और 09033 उधना-मालदा टाउन स्पेशल 2 घंटे 30 मिनट की देरी से गंतव्य की ओर बढ़ीं।
डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल से छिवकी स्टेशन पर उतरे शांतनु और पुष्पराज पटेल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनें जहां-तहां रोक दी जाती हैं, इससे सफर का अनुभव अच्छा नहीं रहा। जंक्शन पर आने वाली 15632 गुवाहाटी-बाड़मेर एक्सप्रेस 7 घंटे 20 मिनट, 11071 कामायनी एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट, 15658 ब्रह्मपुत्र मेल 2 घंटे, 18310 जम्मूतवी-संबलपुर एक्सप्रेस 1 घंटा 20 मिनट और 15484 महानंदा एक्सप्रेस 1 घंटा 10 मिनट की देरी से पहुंचीं।
उत्तर मध्य रेलवे को दूसरे जोनल रेलवे से ही ट्रेनें विलंब से मिल रही है। एनसीआर जोन में उनकी समय पालनता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। – डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर।
