फोटो-06, लोहिया अस्पताल की बर्न यूनिट। संवाद

– लोहिया अस्पताल में दवाओं की पूरी उपलब्धता होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। दिवाली पर लोहिया अस्पताल की बर्न यूनिट के एक वार्ड में लगी दो एसी में एक खराब है। यूनिट स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। वहां के मरीज रात के समय जीरियाट्रिक वार्ड की स्टाफ नर्स के हवाले रहते हैं। कई बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही भर्ती होने वाले मरीजों को इलाज करने को मजबूर होते हैं।
डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में झुलसे मरीजों को अच्छे स्तर का इलाज मुहैया कराने की मंशा से अलग से बर्न यूनिट का निर्माण किया गया था। मगर यहां बनने के बाद आज तक यूनिट में पूरा स्टाफ मुहैया नहीं हो सका। अब हालात बेहतर खराब हैं। यूनिट में बर्न के मरीज भर्ती करने के लिए दो वार्ड पर 10 बेड आरक्षित हैं। यहां सुबह, दोपहर और रात तीनों शिफ्टों में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की ड्यूटी रहती है। रात के समय यहां के मरीज लावारिश से हो जाते हैं। रात में इस यूनिट की देखरेख के लिए जीरियाट्रिक वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स को ही निर्देशित किया गया है। कई बार स्टाफ नर्स के न आने से चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही मरीज का इलाज करने को मजबूर होते हैं।
यूनिट के छह बेड के एक वार्ड में ही अधिकांश मरीज भर्ती होते हैं। इस वार्ड में लगी दो एसी में एक खराब पड़ी है। यहां बेड पर लगी ऑक्सीजन की लाइनें भी बंद हैं। ऐसे में गंभीर मरीज को सिलिंडर से ही ऑक्सीजन मुहैया कराई जाती है।अब दिवाली पर आतिशबाजी के दौरान झुलसे लोगों के आने की आशंका को देखते हुए स्टाफ को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि झुलसे मरीजों के लिए हर स्तर की दवाएं भरपूर उपलब्ध हैं। 24 घंटे स्टाफ मौजूद रहेगा। यदि कोई कर्मी है, तो उसे शनिवार को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
