तहरीर के मुताबिक, छह नवंबर 2026 की रात करीब 8:50 बजे उपनिरीक्षक विकास सिंह चौकी पर मौजूद थे। इसी दौरान चौकी के पिछले हिस्से में अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके से चौकी के कमरे की दीवारों में दरारें आ गईं। पीछे की तरफ बने बाथरूम और कमरों की खिड़कियों के शीशे टूटकर बिखर गए। चौकी में रखा अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। फील्ड यूनिट ने भी घटनास्थल की जांच की। उपनिरीक्षक विकास सिंह की तहरीर के आधार पर इंदिरापुरम थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वीडियो और लिखित संदेश भी जारी किया था
धमाके के बाद तहरीक उल मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के संगठन की ओर से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने संबंधी वीडियो और लिखित संदेश जारी किया गया था। इसमें संगठन ने चौकी पर हुए धमाके की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, संगठन के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां वीडियो और संदेश की सत्यता के साथ ही इन्हें जारी करने वाले अकाउंट और धमाके से इनके संबंध की जांच कर रही हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में संगठन ने क्या दावा किया?
धमाके के बाद तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के संगठन की ओर से अंग्रेजी में एक संदेश पोस्ट किया गया। इसमें संगठन ने दावा किया कि उसने गाजियाबाद में पुलिस को निशाना बनाया है। संदेश में सरकार के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा करते हुए अपने कृत्य को धार्मिक और सामुदायिक अधिकारों की रक्षा के नाम पर सही ठहराने की कोशिश की गई है।





