तीन आरोपियों को बचाने के लिए पुराने बदलावों के आवेदन का रिकॉर्ड तैयार किए जाने की आशंका जताई; दस्तावेजों की जांच से स्पष्ट होगी सच्चाई।

पीलीभीत। विधानसभा पीलीभीत सदर की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुराने बदलावों से संबंधित आवेदनों के रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि पुराने बदलावों के लिए आवेदन पहले से मौजूद होने का रिकॉर्ड तैयार करने की कोशिश की जा सकती है, ताकि मामले में आरोपों का सामना कर रहे तीन लोगों के विरुद्ध उठे सवाल कमजोर पड़ सकें।
कुमुद गंगवार के आरोप के मुताबिक, संबंधित रिकॉर्ड के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया जा सकता है कि मतदाता सूची में पहले किए गए बदलावों के लिए आवेदन पहले से उपलब्ध थे और नाम में बदलाव गलती से हुआ था।
हालांकि, कांग्रेस नेता की ओर से व्यक्त की गई इस आशंका की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। अभी यह भी प्रमाणित नहीं है कि संबंधित फॉर्म इसी उद्देश्य से तैयार किए गए या किसी अधिकारी ने तीन आरोपियों को बचाने के लिए ऐसा कोई निर्देश दिया।
दस्तावेजों की जांच से स्पष्ट होगी स्थिति
पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित फॉर्म की तारीख, आवेदन प्राप्त होने का रिकॉर्ड, दस्तावेजों की प्रामाणिकता, संबंधित अधिकारियों के निर्देश और जांच से जुड़े अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक है। इन तथ्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आवेदन पहले से मौजूद थे या उन्हें बाद में तैयार किया गया।
फिलहाल, यह मामला कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यक्त की गई आशंका और लगाए गए आरोपों से संबंधित है। संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की सत्यता के संबंध में कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
