बरेली जिले में लगातार तीन दिन से हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कटाई के करीब पहुंच चुकी धान की फसल कई इलाकों में खेतों में बिछ गई है। वहीं, तेज हवा से गन्ना भी गिरने की सूचनाएं हैं। खेतों में जलभराव से उड़द, मूंग, तिल और सब्जियों में सड़न व फंगस का खतरा बढ़ गया है। फसलों को हुए नुकसान की सूचनाओं के बाद कृषि विभाग ने विकासखंड स्तर पर सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार से विशेष टीमें गांवों में जाकर फसलों की स्थिति का आकलन करेंगी।

इस वर्ष जिले में धान के लिए 1,58,592 हेक्टेयर का लक्ष्य था, जबकि बुवाई 1,58,627.44 हेक्टेयर में हुई। इसमें 53,010.60 हेक्टेयर सुगंधित, 58,005.80 हेक्टेयर सामान्य और 47,611.04 हेक्टेयर अन्य श्रेणी का धान है। बारिश के साथ चली तेज हवा से कई क्षेत्रों में पकने के करीब पहुंच चुकी धान की फसल गिर गई है। इससे उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। खेतों में पानी भरा रहने पर गिरी हुई फसल के खराब होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
1.25 लाख हेक्टेयर गन्ने पर भी असर
जिले में करीब 1.25 लाख हेक्टेयर में खड़ी गन्ने की फसल भी तेज हवा से प्रभावित होने की आशंका है। कई स्थानों पर गन्ना गिरने की सूचनाएं मिली हैं। जिले में 5.44 लाख से अधिक किसान हैं और धान-गन्ना प्रमुख फसलें हैं। ऐसे में नुकसान का दायरा बढ़ने पर किसानों की आय पर असर पड़ सकता है।
