दिवाली के पावन पर्व पर जिले के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। रविवार को सुबह से देर रात तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। मिठाई, कपड़े, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों, फूल-माला, पूजन सामग्री और सजावटी सामान की दुकानों पर खूब खरीदारी हुई। व्यापारियों के मुताबिक, इस बार दिवाली पर जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। अच्छी बिक्री से कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। उन्हें छठ पर्व तक बाजार में इसी तरह रौनक बने रहने की उम्मीद है।

आमतौर पर धनतेरस पर ही लोग दिवाली की अधिकांश खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन इस बार पर्व के दिन भी बाजारों में खूब चहल-पहल रही। दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों का पहुंचना शुरू हो गया था। मिट्टी के दीये, खिलौने, मोमबत्ती, रंग-बिरंगी झालर और सजावटी सामान की दुकानों पर भीड़ लगी रही। गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की भी खूब बिक्री हुई।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील का असर भी दिखाई दिया। लोगों ने मिट्टी के दीये और स्थानीय कारीगरों के बनाए सामान को प्राथमिकता दी। मिठाई, कपड़े और उपहार की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। ग्रामीण बाजारों में देर शाम तक खरीदारी होती रही। भीड़ के चलते कई जगह जाम की स्थिति भी बनी रही।
मिठाई और सूखे मेवों की खूब हुई बिक्री
दिवाली पर मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रही। लोगों ने घरों के लिए मिठाई खरीदने के साथ रिश्तेदारों और परिचितों को उपहार देने के लिए भी जमकर खरीदारी की। मिठाई कारोबारी अनूप कुमार मौर्य ने बताया कि इस बार बिक्री काफी अच्छी रही। विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की मांग रही। इसके अलावा काजू, बादाम, किशमिश, छुहारा और अखरोट की भी खूब बिक्री हुई।
इस बार दिवाली पर जिले के बाजारों में अच्छी बिक्री हुई है। धनतेरस के साथ दिवाली के दिन भी ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। मिठाई, कपड़े, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक सामान, पूजन सामग्री और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर विशेष रौनक रही। व्यापारियों के अनुसार जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।
– प्रवेश केसरवानी, जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल
